मुझे हैं यकीन कभी तो तुम आओगे........
इस तनहा दिल को बेतन्हा कर जाओगे
मुझे तुम खुद का ना रहने दोगे अपना बनाने आओगे ,
जीवन के हर पल को मीठा सपना बनाने आओगे ।
दिल में खामोश सा ख्याल बनकर आओगे ,
पूरब की ठंडी सी बयार बनकर आओगे ।
मन मंदिर में जो बसे वो भगवान् बनकर आओगे ,
इस बेचैन जिंदगी का करार बनकर आओगे ।
साहिल से जो मिला दे वो पतवार बनकर आओगे ,
मेरी सूनी बगिया में बहार बनकर आओगे ।
सावन का सुहाना मल्हार बनकर आओगे ,
सब गम दूर होंगे खुशियाँ हज़ार बनकर आओगे ।
मुझे हैं यकीन कभी तो तुम आओगे........................