एक धोखेबाज दोस्त (श्रीमान नवीन खण्डेलवाल ) की कहानी ;
एक भोली भाली लड़की (सुश्री वर्तिका बाफना ) की जुबानी....
नवीन ने दी अपने 5 फ्रेन्ड्स को पार्टी होटल श्री में
भुला दिया मुझे सोचा कि टरका देगा मुझे तो वो फ्री में
स्टार्टर में मंगवाया टोमेटो सूप और पापड में डलवाया मसाला
पनीर टिक्के के साथ वेज कबाब चट कर गया अकेला साला
मैन कौर्स में टेबल पर आया दाल तड़का, गार्लिक नान और सलाद ओनियन वाला
खाते टाइम कैसे भूल गया था कि मुझसे पड़ने वाला है तेरा पाला
इतने में भी भूख नहीं मिटी जो आर्डर किया कढ़ाही पनीर और मलाई कोफ्ता
थोड़ी और भूख बचा कर रखना क्योंकि अब खाना पड़ेगा मेरे हाथ का रापटा
सॉफ्ट ड्रिंक में थम्स अप और डेस्सेर्ट में कोन बटर स्कॉच
खा कर इतना खुश मत हो, तू अपनी होने वाली बुरी हालत के बारे में सोच
फ्री की सौंफ शक्कर हजम नहीं हुई जो मुखवास में चबाया है पान
मुझसे मिलने से पहले अब याद कर लेना तू अपने सारे भगवान्
पता है मुझे कि बहुत मजे ले ले कर तुने अंगुलियाँ है चाटी
ऐसा हश्र करुँगी कि भूल जायेगा मेरे बिना अब कोई भी पार्टी
डेली सोप की वेम्प की तरह जल रही है मुझमे बदले की आग
बिना पार्टी लिए छोड़ूंगी नहीं तुझे चाहे कितना भी तू मुझसे भाग
अब तो हर जगह होंगे "नवीन द ग्रेट चालबाज" के चर्चे
क्योकि हर गली मोहल्ले में लगवाउंगी तेरे पोस्टर और पर्चे
अब चुपचाप मान ले गलती अपनी वरना मैं भी अपने तेवर दिखाउंगी
तेरी चालाकी के किस्से तेरी आने वाली सात पीढ़ियों को सुनाउंगी
3 October, 2010 का दिन (D day of party ) तुझे बुरे सपने की तरह याद आये
मुझे कैसे पता चला इस में दिमाग मत लगा क्योकि घर का भेदी (श्रीमान मयंक गुप्ता ) ही लंका ढहाये
एक भोली भाली लड़की (सुश्री वर्तिका बाफना ) की जुबानी....
नवीन ने दी अपने 5 फ्रेन्ड्स को पार्टी होटल श्री में
भुला दिया मुझे सोचा कि टरका देगा मुझे तो वो फ्री में
स्टार्टर में मंगवाया टोमेटो सूप और पापड में डलवाया मसाला
पनीर टिक्के के साथ वेज कबाब चट कर गया अकेला साला
मैन कौर्स में टेबल पर आया दाल तड़का, गार्लिक नान और सलाद ओनियन वाला
खाते टाइम कैसे भूल गया था कि मुझसे पड़ने वाला है तेरा पाला
इतने में भी भूख नहीं मिटी जो आर्डर किया कढ़ाही पनीर और मलाई कोफ्ता
थोड़ी और भूख बचा कर रखना क्योंकि अब खाना पड़ेगा मेरे हाथ का रापटा
सॉफ्ट ड्रिंक में थम्स अप और डेस्सेर्ट में कोन बटर स्कॉच
खा कर इतना खुश मत हो, तू अपनी होने वाली बुरी हालत के बारे में सोच
फ्री की सौंफ शक्कर हजम नहीं हुई जो मुखवास में चबाया है पान
मुझसे मिलने से पहले अब याद कर लेना तू अपने सारे भगवान्
पता है मुझे कि बहुत मजे ले ले कर तुने अंगुलियाँ है चाटी
ऐसा हश्र करुँगी कि भूल जायेगा मेरे बिना अब कोई भी पार्टी
डेली सोप की वेम्प की तरह जल रही है मुझमे बदले की आग
बिना पार्टी लिए छोड़ूंगी नहीं तुझे चाहे कितना भी तू मुझसे भाग
अब तो हर जगह होंगे "नवीन द ग्रेट चालबाज" के चर्चे
क्योकि हर गली मोहल्ले में लगवाउंगी तेरे पोस्टर और पर्चे
अब चुपचाप मान ले गलती अपनी वरना मैं भी अपने तेवर दिखाउंगी
तेरी चालाकी के किस्से तेरी आने वाली सात पीढ़ियों को सुनाउंगी
3 October, 2010 का दिन (D day of party ) तुझे बुरे सपने की तरह याद आये
मुझे कैसे पता चला इस में दिमाग मत लगा क्योकि घर का भेदी (श्रीमान मयंक गुप्ता ) ही लंका ढहाये