Saadgi
kuch yaadein.. kuch nagme.. kuch sapne.. kuch ummeedein.. kuch khwahishein..
Sunday, May 9, 2021
mothers day
Thursday, February 2, 2017
एहसास प्यार का........
दिल ज़मी था मेरा आसमाँ हो गया
अब तुझे देखके ही तो जीती हूँ मैं-२
खुद तुझे ना पता तू खुदा हो गया-२
ख़्वाबों का ताना बाना मैं तो बुनने लगी
सपने रेशम से अब तो मैं चुनने लगी
ओढ़ी है जबसे मैंने चुनर प्यार की-२
इक इक इक सितारा मैं गिनने लगी-२
दिल ये नादानों सा यूँ धड़कने लगा
कैसे संभालूँ इसको ये उड़ने लगा
बातें करती है तेरी कुछ ऐसा असर-२
सागर प्रीत का मन मैं उमड़ने लगा-२
बिन तेरे अब तो राते गुज़रती नहीं
सुबह थमती नहीं शाम थकती नहीं
इंतज़ार की घड़ियाँ है लंबी बड़ी-२
आंसुओ की बारिश भी रूकती नहीं-२
चाँद सूरज में मैं तुझको तकती रही
बनके शबनम की बूंदे सिसकती रही
दूरियों का सितम भी है मुश्किल बड़ा-२
दिल सुलगता रहा और मैं जलती रही -२
मर्ज़ मुझको ये क्यों बेवजह हो गया
दिल अभी था यही लापता हो गया
प्यार जबसे है मैंने यूँ तुझसे किया-२
हो गयी हूँ मैं हीर, राँझा तू हो गया-२
Saturday, August 16, 2014
सोचा ना था.....
मुश्किल भरे रास्ते बड़े कठिन आयेंगे
सोचा ना था...
एक मौसम आएगा एक मौसम जायेगा
पर सारे मौसम रंगहीन आएंगे
सोचा ना था...
आपके जाने से यूँ उदासी छा जायेगी
उजड़े हुए नज़ारे आपके बिन आएंगे
सोचा ना था...
आपकी राह तकते थकती नहीं ये आँखे
याद में आपकी इनमे आँसू अनगिन आयेंगे
सोचा ना था...
Friday, June 27, 2014
No papa no life..
खोकर आपको जाना कि आप कितने ख़ास थे..
महफूज़ थी मैं जब आप मेरे आस पास थे..
ऊँचाइयो को छूने का हौसला था मन में..
मेरे मन का तो आप ही आत्मविश्वास थे..
सुलझ जाती थी हर मुश्किल मेरी..
उसमे भी छिपे आप ही के प्रयास थे..
महसूस किया है मैंने अकेले उड़ने का दर्द..
मेरे नन्हे पंखो की आप ही परवाज़ थे..
अन्धकार क्या होता है अब जाना है मैंने..
मेरे लिए तो आप तारों भरा आकाश थे..
खामोश सी लगती है जिंदगी अब मेरी..
आप तो मेरे अंतर की छुपी हुई आवाज़ थे..
बेजान सी जी रही हूँ जिंदगी आपके बिना..
आप ही मेरा दिल.. मेरी धड़कन.. मेरी श्वास थे..
जाने क्यों....
जाने क्यों ये अपने मुझसे रूठ जाते है...
पिरोती हूँ माला पर मोती टूट जाते है..
जाने क्यों...
साए की तरह रहते थे हरदम हमारे पास..
वो हमसाया बनकर भी हमसे दूर जाते है..
जाने क्यों...
जो जिन्दगी भर साथ निभाने का वादा करते थे...
वो अब यादो में भी नजर आने से कतराते है...
जाने क्यों...
जिनके अपनेपन ने हमें जिंदगी की कीमत सिखाई..
वो अब बेगाने बनकर हमारी खुशियाँ लूट जाते है..
जाने क्यों....
मेरे चेहरे में छुपा है........
मेरी सूरत में मैं आपकी सूरत ढूंढती हूँ...
काश कही दिख जाये आपकी सी वो मूरत ढूंढती हूँ...
मन को विश्वास है किसी पल तो आप मिलोगे...
अब तो मैं लम्हा वो ख़ूबसूरत ढूंढती हूँ...
आपके बिना बस गुमनाम सी है जिंदगी...
अब तो मैं अपने जीने की जरुरत ढूंढती हूँ..
आपके बिना जीना भी क्या जीना है..
मैं तो अब अपनी मौत का मुहूरत ढूंढती हूँ..
Miss u a lot papa.. aap toh aise naa the..
हाल-ए-दिल
हवाओ में जाने क्यों एक खुशबू सी छाए है...
बहारे भी आज कुछ ज्यादा ही सकुचाये है...
झुकी हुई पलकों से हुए दीदार का क्या कहना..
कि नज़रे उठती ही नही परेशां से हम सिर झुकाए है...
जाने क्या ढूंढ रही थी उनकी वो एकटक निगाहें...
क्या पता था उन्हें कि हम मन ही मन घबराये है...
अब तो आलम कुछ ऐसा था दोस्तों..
कि बिना पिए हमने सारे होश गँवाए है..
दुआ मांगते है ठहर जाये ये पल यूँ ही..
बड़े दिनों बाद हम इतना शर्माए है...