Thursday, February 2, 2017

एहसास प्यार का........

तूने छुआ मुझे मुझको क्या हो गया
दिल ज़मी था मेरा आसमाँ हो गया
अब तुझे देखके ही तो जीती हूँ मैं-२
खुद तुझे ना पता तू खुदा हो गया-२

ख़्वाबों का ताना बाना मैं तो बुनने लगी
सपने रेशम से अब तो मैं चुनने लगी
ओढ़ी है जबसे मैंने चुनर प्यार की-२
इक इक इक सितारा मैं गिनने लगी-२

दिल ये नादानों सा यूँ धड़कने लगा
कैसे संभालूँ इसको ये उड़ने लगा
बातें करती है तेरी कुछ ऐसा असर-२
सागर प्रीत का मन मैं उमड़ने लगा-२

बिन तेरे अब तो राते गुज़रती नहीं
सुबह थमती नहीं शाम थकती नहीं
 इंतज़ार की घड़ियाँ है लंबी बड़ी-२
आंसुओ की बारिश भी रूकती नहीं-२

चाँद सूरज में मैं तुझको तकती रही
बनके शबनम की बूंदे सिसकती रही
दूरियों का सितम भी है मुश्किल बड़ा-२
दिल सुलगता रहा और मैं जलती रही -२

मर्ज़ मुझको ये क्यों बेवजह हो गया
दिल अभी था यही लापता हो गया
प्यार जबसे है मैंने यूँ तुझसे किया-२
हो गयी हूँ मैं हीर, राँझा तू हो गया-२


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