Friday, June 27, 2014

मेरे चेहरे में छुपा है........

मेरी सूरत में मैं आपकी सूरत ढूंढती हूँ...
काश कही दिख जाये आपकी सी वो मूरत ढूंढती हूँ...

मन को विश्वास है किसी पल तो आप मिलोगे...
अब तो मैं लम्हा वो ख़ूबसूरत ढूंढती हूँ...

आपके बिना बस गुमनाम सी है जिंदगी...
अब तो मैं अपने जीने की जरुरत ढूंढती हूँ..

आपके बिना जीना भी क्या जीना है..
मैं तो अब अपनी मौत का मुहूरत ढूंढती हूँ..

Miss u a lot papa.. aap toh aise naa the..

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