आपने चूमा हमें लबों से,
और हम खिलकर कमल हो गए॥
हम तो थे एक अनकही दास्तान,
आपने पढ़ा और हम मशहूर ग़ज़ल हो गए॥
जिनकी ख्वाहिश हम सपनों में करते थे,
साथ आपके वो सब लम्हें असल हो गए॥
जिंदगी थी हमारी तपते रेगिस्तान सी,
आपके प्यार की बारिश में हम शीतल हो गए॥
काँटों भरे पथरीले रास्ते थे किस्मत में हमारी,
आप बने हमसफ़र तो वो रास्ते भी मखमल हो गए॥
सभी ने छोड़ दिया था बीच मझधार में हमारा साथ,
आपने थामा जो हाथ तो चाँद पर हमारे कदम हो गए॥
बहारो में भी जो पतझड़ नज़र आते थे,
आपकी खुशबू से महके तो वो बाग़ भी अब चमन हो गए॥
भोर की पहली किरण बनकर जो छुआ आपने,
दिल के हर एक कोने रोशन हो गए॥
हर बाजी जीतने का शगल रखते थे,
आज खुद को आपसे हारकर भी हम सफल हो गए॥
ये ज़माना तो कहता था पत्थर हमें,
आपने हमें तराशा और हम ताजमहल हो गए॥
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