मेरी एक आवाज़ पर दौड़े चले आते थे.......
आज कितना पुकारा आपको मैंने, पापा आप क्यूँ नहीं आते???
मेरी एक सिसकी से परेशान हो जाते थे,
अब रात भर रोने पर भी मुझे चुप क्यूँ नहीं कराते???
पापा आप क्यूँ नहीं आते..........
मेरे हंसने पर हँसते, मुस्कुराने पर मुस्काते थे,
आज बैठी हूँ उदास कोई मजेदार किस्सा क्यूँ नहीं सुनाते???
पापा आप क्यूँ नहीं आते.........
बच्चो संग बच्चे बन जाते, इतना प्यार लुटाते थे,
अब अपनी छोटी-छोटी चुटकियों से सबका मन क्यूँ नहीं गुदगुदाते???
पापा आप क्यूँ नहीं आते..........
बहुत याद आता है हर मौके पर आपका गाने सुनाना,
सूनी है महफ़िल कोई प्यारा सा नगमा क्यूँ नहीं गुनगुनाते???
पापा आप क्यूँ नहीं आते.........
गलतियों पर होते थे गुस्सा, अपनी नाराज़गी जताते थे,
पग-पग पर करती हूँ खता, अब आप मुझे क्यूँ नहीं समझाते???
पापा आप क्यूँ नहीं आते.........
जब भी होती थी धूप कड़ी, साया आप बन जाते थे,
चुभ रहे है कांटे कई पैरों में, अब राहों में फूल क्यूँ नहीं बिछाते???
पापा आप क्यूँ नहीं आते..........
पास बैठकर आपके करना चाहती हूँ मैं भी ढेर सी बातें,
तरस गयी हूँ आपकी आवाज़ सुनने को, मुझे अपने पास क्यूँ नहीं बुलाते???
पापा आप क्यूँ नहीं आते........
Please PAPA ek baar wapas aa jao...
Happy B'day Papa...
missing you... :(
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